23 April 2026

आपदा प्रबंधन और पंचायती राज विभाग साथ मिलकर करेंगे काम

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देहरादून। उत्तराखण्ड को आपदा सुरक्षित बनाने की दिशा में मा० आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब आपदा प्रबंधन विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर कार्य करेंगे, ताकि ग्राम स्तर पर आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत किया जा सके और स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।

इस पहल के तहत प्रथम चरण में राज्य के ग्राम प्रधानों को आपदा प्रबंधन का व्यवहारिक एवं आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मा० मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम प्रधानों को आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में तैयार करना है, ताकि वे आपदा के बाद प्रारंभिक राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें और पेशेवर बचाव दलों के पहुंचने तक स्थिति को नियंत्रित रख सकें।

उन्होंने बताया कि राज्य में व्यापक स्तर पर आपदा सुरक्षित गांव विकसित किए जाएंगे, जो भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य संभावित आपदाओं का सामना करने में सक्षम होंगे।

मा० मंत्री ने गुरुवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में विश्व बैंक सहायतित यू-प्रिपेयर परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विस्तृत चर्चा की गई।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। विशेष रूप से पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए। साथ ही, जिन कार्यों के लिए निविदाएं आमंत्रित की जानी हैं, उनकी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

आपदा शैल्टरों के निर्माण के संबंध में मंत्री ने कहा कि उनके लिए स्थान का चयन अत्यंत सोच-समझकर किया जाए। चयन करते समय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आपदा जोखिम और स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए। इस हेतु सभी जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया।

इसके साथ ही यूएसडीएमए भवन में प्रस्तावित अत्याधुनिक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने तथा सभी जनपदों में स्थापित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों (DEOC) को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने के निर्देश दिए गए।

मा० मंत्री ने कहा कि आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों को आधुनिक उपकरणों और संसाधनों से सुसज्जित करना आवश्यक है। इस दिशा में लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, एसडीआरएफ एवं अन्य विभागों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सर्वोत्तम उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं राज्य के विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर परियोजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सभी कार्य धरातल पर दिखाई दें तथा उनका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता तक पहुंचे।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य एवं परियोजना निदेशक  आनंद स्वरूप, एसीईओ प्रशासन  महावीर सिंह चौहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी  राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो० ओबैदुल्लाह अंसारी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, यूएलएमएमसी के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार, एपीडी  एस.के. बिरला, डॉ. मोहित पूनिया,  पी.डी. माथुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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