सैन्य इतिहास में नया अध्याय, आईएमए परेड में दिखेगी महिला शक्ति
आईएमए की पासिंग आउट परेड इस बार होगी ऐतिहासिक
13 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेंगी परेड की सलामी
देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की आगामी पासिंग आउट परेड इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक बनने जा रही है। 13 जून को आयोजित होने वाली इस भव्य परेड की सलामी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लेंगी। खास बात यह है कि आईएमए के 94 वर्ष के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट पुरुष कैडेटों के साथ कदमताल करती नजर आएंगी।
आईएमए में महिला कैडेटों की भागीदारी को भारतीय सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था में एक बड़े और सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पासिंग आउट परेड में देश-विदेश के कैडेट शामिल होंगे। परेड को लेकर अकादमी परिसर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ परेड अभ्यास भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को देखते हुए प्रशासन और सैन्य अधिकारियों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों के गणमान्य अतिथि और कैडेटों के परिजन भी मौजूद रहेंगे।
आईएमए की यह ऐतिहासिक परेड न केवल सैन्य परंपराओं का प्रतीक बनेगी, बल्कि भारतीय सेना में महिलाओं की सशक्त भागीदारी का नया अध्याय भी लिखेगी।
