4 January 2026

‘स्वच्छता ही सेवा-2024’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने क्रॉस कंट्री मैराथन दौड़ को फ्लैगऑफ कर किया रवाना

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के परेड मैदान में ग ऑफ ‘स्वच्छता ही सेवा-2024’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया एवं क्रॉस कंट्री मैराथन दौड़ को फ्लैकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई एवं ‘एक पेड़ मां’ के नाम अभियान के अंतर्गत परेड मैदान परिसर में पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बालिकाओं को किशोरी किट का वितरण भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विश्वकर्मा पूजन किया और सभी को विश्वकर्मा दिवस की शुभकामनाएं प्रदान की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए प्रभु से उनके दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छता के प्रति सजगता, निष्ठा और नेतृत्व हम सबको प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आज उनके जन्मदिवस के सुअवसर पर हम स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत कर रहे हैं। यह स्वच्छता पखवाड़ा 2 अक्टूबर को संपन्न होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद स्वच्छ भारत का मिशन शुरू किया था जिसके कारण आज देश के हर व्यक्ति के अंदर स्वच्छता का भाव उत्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक और दूरदर्शी विजन ने भारत को स्वच्छता के नए आयामों पर पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर के अंदर करोडों शौचालय का निर्माण हुआ, कचरा प्रबंधन के लिए जरूरी सुविधाओं का विकास किया गया है और स्वच्छता को लेकर आम लोगों में जागरूकता आयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भी स्वच्छता के मामले में सराहनीय प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड को वर्ष 2017 में देश का चौथा ओडीएफ राज्य होने का गौरव प्राप्त हुआ। अब तक राज्य में कुल 5 लाख 37 हजार से अधिक शौचालय विहीन परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 2600 से भी अधिक स्वच्छता कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है। 9000 से अधिक गांव में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का कार्य पूरा किया गया है। 77 विकासखंडों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की इकाइयां स्थापित कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि मार्च 2025 तक राज्य के शत प्रतिशत गांव में कचरा प्रबंधन का कार्य शुरू किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में नगर निगम देहरादून द्वारा जो प्रयास किये जा रहे हैं वो सराहनीय हैं। नगर निगम द्वारा आमजन की सफाई से सम्बंधित समस्याओं के निराकरण हेतु स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है जो 24×7 संचालित होता है। इसके अलावा सफाई सुनिश्चित करने के लिए आठ टीमों का गठन करने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे से निगरानी जैसे अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत देश के पांच सबसे अच्छे शहरों में हमारे राज्य की राजधानी देहरादून को भी सम्मिलित किया गया है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में हम एक अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम ‘स्वभाव स्वच्छता एवं संस्कार स्वच्छता’ रखी गई है। जिसके जरिये संदेश है कि हम सबको मिलकर आगे बढ़ाना है जिससे जन-जन के स्वभाव और संस्कार में स्वच्छता की भावना आए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर हम शासन-प्रशासन के स्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन यह प्रयास तभी सफल होंगे जब इसमें जनभागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने स्तर पर गांव, शहर, मोहल्ले इत्यादि को स्वच्छ बनाने का प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर बल्कि इसे हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमने यहां पर पौधरोपण किया है और जो स्वच्छता की शपथ ली है, वो हमारे राज्य को साफ सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के हमारे संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि आइए हम सब मिलकर अपने आसपास साफ सफाई की जिम्मेदारी लें और हम एक स्वस्थ व स्वच्छ उत्तराखंड बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जिस दिन से हमारे स्वभाव में स्वच्छता आ जाएगी, तो उस दिन से प्रदेश भी स्वच्छ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज प्रदेशभर में एक हजार से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकासखंडों के लिए स्वच्छता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, श्री सौरभ बहुगुणा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान, विधायक श्री खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्री भरत चौधरी, निवर्तमान मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, सचिव श्री शैलेश बगोली, देहरादून के जिलाधिकारी श्री सविन बंसल, नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अब तक की विकास यात्रा उपलब्धियों से परिपूर्ण रही है। राज्य की विकास यात्रा संघर्ष, समर्पण और प्रगति की एक प्रेरक गाथा को प्रस्तुत करती है। राज्य आंदोलन के मूल में उत्तराखण्ड के समग्र एवं संतुलित विकास की अवधारणा निहित रही है। इसी भावना को मूर्त रूप देने के लिए पारदर्शिता, जन-सहभागिता एवं नई कार्यसंस्कृति के साथ विकास की एक नई गाथा लिखने की उल्लेखनीय पहल की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र आर्थिक विकास के प्रयासों के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण, पर्यटन, खेती, बागवानी एवं पशुपालन जैसे संभावनाशील क्षेत्रों में किए गए अभिनव और दूरगामी प्रयासों से प्रदेश को देश में एक अलग पहचान मिली है। विकास के प्रति हमारे संकल्पों का ही परिणाम है कि आज देश के अन्य राज्य भी उत्तराखण्ड की नीतियों एवं कार्यक्रमों का अनुसरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार ने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की योजनाएँ जन-जन तक पहुँचें, यह सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास किया गया है। पारदर्शी प्रशासन, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा त्वरित निर्णय हमारी सरकार की कार्यशैली की आधारशिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, नकल-रोधी कानून तथा धर्मांतरण के विरुद्ध कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से न्याय, अनुशासन, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ किया गया है। देवतुल्य जनता के विश्वास और सहयोग से विगत चार वर्षों में युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने, किसानों की आय में वृद्धि तथा गरीब एवं वंचित वर्गों के कल्याण हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-अपेक्षाओं के अनुरूप सुनियोजित एवं त्वरित विकास की दिशा एवं दशा तय करने में सरकार न केवल सफल रही है, बल्कि अनेक क्षेत्रों में राज्यहित से जुड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अपेक्षा से अधिक सफलता भी प्राप्त हुई है। विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नवाचारों को नीति आयोग द्वारा सराहा गया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को सतत विकास सूचकांक में देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। निवेश और उद्योग के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। देश-विदेश के निवेशकों द्वारा प्रदेश में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं, जिनमें से लगभग एक लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग हो चुकी है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने की दिशा में भी ठोस पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने अपनी इस गौरवपूर्ण विकास यात्रा में न केवल भौतिक प्रगति की है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक पहचान को भी सशक्त किया है। हमारा निरंतर प्रयास है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखण्ड को और अधिक प्रगति के पथ पर अग्रसर किया जाए। उन्होंने राज्य के विकास में सभी प्रदेशवासियों की सक्रिय सहभागिता की भी कामना की।