चमोली हेलीकॉप्टर हादसे पर सीएम धामी सख्त, पायलट समेत छह की मौत के मामले में दिए जांच के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड के चमोली जिले में 30 अक्टूबर को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई। हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून के सहस्त्रधारा लौट रहा था। हादसे की जांच के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम देहरादून भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलीकॉप्टर वीटी-एचसीएक्स ने 30 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा के लिए उड़ान भरी थी। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसकी सूचना मिलते ही उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) सहित संबंधित विभागों में हलचल मच गई और तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।
बचाव अभियान के दौरान ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्र के पांडुकेश्वर स्थित चाई गांव के ऊपर पहाड़ी पर हेलीकॉप्टर का मलबा मिला। दुर्घटनास्थल पर मलबा बिखरा हुआ था और मृतकों के शव जली हुई अवस्था में मिले। इस हादसे में दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल सहित कर्नाटक के पांच यात्रियों की जान चली गई।
हादसे में जान गंवाने वाले लोग
पायलट
- कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48 वर्ष), निवासी दिल्ली।
यात्री
- प्रताप (41 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
- अरुण सालुंके (44 वर्ष), निवासी कर्नाटक, सीसीबी निरीक्षक।
- वीबी शंकर गौड़ा (39 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
- सुधीर के. (50 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
- एचएस नटराजा (51 वर्ष), निवासी कर्नाटक।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए डीजीसीए की टीम को देहरादून भेजा है। टीम दुर्घटना से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को दुर्घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चमोली जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और आवश्यक राहत एवं अन्य व्यवस्थाएं तत्परता से सुनिश्चित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
