12 October 2026

. धामी मंत्रिमंडल ने लिए कई अहम फैसले, अग्निवीरों से लेकर बच्चों तक को सौगात

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देहरादून/हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में  हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, निवेश को प्रोत्साहित करने, आपदा प्रबंधन को मजबूत करने तथा युवाओं और बच्चों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। मंत्रिमंडल के निर्णयों में सुशासन, जनहित और विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ राज्य की विशिष्ट भौगोलिक एवं सामरिक परिस्थितियों के अनुरूप नीतिगत कदम उठाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में उत्तराखण्ड के विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया। मंत्रिमंडल ने राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई।

प्राच्य ज्ञान, संस्कृति और शोध को मिलेगा बढ़ावा

मंत्रिमंडल ने हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास एवं विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

निवेश और कारोबार को सुगम बनाने की दिशा में कदम

प्रदेश में निवेश एवं आधारभूत संरचना के विकास को गति देने के लिए उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही, प्रदेश में कारोबार को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से द्वितीय उत्तराखण्ड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई। प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड तथा प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था करने और अप्रचलित एवं अनावश्यक कानूनी प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए नई नियमावली

मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी प्रदान की। इसके माध्यम से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक एवं कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं को संभावित नुकसान से सुरक्षित रखना है।

प्रदेश में अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखण्ड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को भी विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार इस प्रस्तावित विधेयक में औद्योगिक विकास, तेजी से बढ़ते नगरीकरण, आपदाओं और अग्नि दुर्घटनाओं की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा कानूनी व्यवस्था के पुनरीक्षण का प्रावधान है।

सेवामुक्त अग्निवीरों के हित में नई नियमावली

युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मंत्रिमंडल ने राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूर्व नियमावली को अधिक्रमित कर नई व्यवस्था तैयार की गई है। इसमें भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्य की सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था को नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप बनाया जा सकेगा।

विधानसभा सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री अधिकृत

मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी प्रदान की। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।

प्रशासनिक व्यवस्था और स्वच्छता मिशन को मजबूती

संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों के संचालन को विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप बनाने के लिए उत्तराखण्ड वित्तीय हस्त पुस्तिका खंड-1 के संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखण्ड को प्रतिस्थापित किया जाएगा।

वहीं, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल तथा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता को 1 मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन एवं मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से किया जाएगा।

किफायती आवास परियोजना को राहत

हरिद्वार जनपद की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित नौ मीटर चौड़े पहुंच मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए तीन मीटर की शिथिलता प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त ऊधमसिंह नगर जनपद की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी दी गई। शासनादेश दिनांक 10 नवंबर, 2023 में त्रुटिवश दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।

साहसी बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार

मंत्रिमंडल ने प्रदेश के साहसी एवं बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी प्रदान की। योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों के योगदान को पहचान देना, उनका उत्साहवर्धन करना और उन्हें अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित करना है।

मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इन निर्णयों के माध्यम से राज्य सरकार ने विकास योजनाओं को गति देने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनसुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

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