राज्य के विकास कार्यों को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री ने ₹51 करोड़ की योजनाओं को दी मंजूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से हेलीपैड निर्माण, सड़क संपर्क, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण तथा न्यायिक एवं कारागार अवसंरचना के विकास के लिए कुल ₹51 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सड़क, हवाई संपर्क, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, आपदा राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिलेगी तथा पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी बनेंगी।
स्वीकृत योजनाओं के तहत जनपद बागेश्वर के बेड़ा-मझेड़ा (करीमपुर) में हेलीपैड निर्माण के लिए ₹8.91 करोड़, उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड स्थित सुनकुण्डी (जखोल) में हेलीपैड निर्माण हेतु ₹1.08 करोड़, जबकि नैनीताल विधानसभा क्षेत्र के डौन परेवा में हेलीपैड एवं दो किलोमीटर पहुंच मार्ग के निर्माण के प्रथम चरण के लिए ₹8.30 लाख स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के विद्युतीकरण एवं सिविल कार्यों के लिए ₹50 लाख की अवशेष धनराशि जारी करने का अनुमोदन भी दिया गया है।
सड़क संपर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए चंपावत जनपद में तामली मोटर मार्ग से मुख्य तोक कारी मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं डामरीकरण हेतु ₹2.64 करोड़, अल्मोड़ा के हवालबाग क्षेत्र में लोधिया-चौगू मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य के लिए ₹3.84 करोड़, तथा देहरादून के मसूरी विधानसभा क्षेत्र में न्यू कैंट मोटर मार्ग पर सालावाला पुल से विजय कॉलोनी पुल तक सड़क को दो लेन से 10.50 मीटर चौड़ा किए जाने के लिए ₹16.87 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के तहत पौड़ी गढ़वाल के नैनीडांडा स्थित उठिडागांव में एसडीआरएफ पोस्ट निर्माण के लिए प्रथम किश्त के रूप में ₹1.62 करोड़, टिहरी जिला कारागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल एवं आवश्यक उपकरणों की स्थापना के लिए ₹2.14 करोड़ में से प्रथम किश्त ₹85.72 लाख तथा पुलिस मुख्यालय के मशीन उपकरण, संयंत्र एवं साज-सज्जा के लिए ₹25 करोड़ के सापेक्ष ₹15 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से प्रदेश में आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ होंगी, आपदा प्रबंधन क्षमता बढ़ेगी और समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
