उत्तराखंड में बारिश का कहर: चारधाम यात्रा दो दिन स्थगित, पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर
भारी वर्षा से भूस्खलन का बढ़ा खतरा, गंगा का जलस्तर बढ़ने पर घाटों पर कड़ी निगरानी; लोगों से सतर्क रहने की अपील
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा की रफ्तार भी थाम दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अगले दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। गढ़वाल मंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति और सड़क मार्गों की सुरक्षा का आकलन करने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।
लगातार हो रही वर्षा के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़कें बाधित होने की आशंका लगातार बनी हुई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर संबंधित विभागों की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं तथा मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
इधर, देहरादून जिले में भी पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा संभावित जोखिम वाले स्थानों पर लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
श्रीनगर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। इसके मद्देनज़र प्रशासन ने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पुलिस लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को नदी के किनारे न जाने की लगातार चेतावनी दे रही है। एहतियात के तौर पर कई संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाया गया है।
प्रशासन ने प्रदेशवासियों और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। साथ ही खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के समीप न जाने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भी तैनात किए जाएंगे।
