जनभागीदारी से बनेगी उत्तराखंड की नई खेल नीति, जनता से मांगे जाएंगे सुझाव : रेखा आर्या
ऑनलाइन लिंक के माध्यम से होगी रायशुमारी, उत्कृष्ट सुझाव देने वालों को किया जाएगा सम्मानित
देहरादून,। उत्तराखंड की नई खेल नीति अब जनभागीदारी के आधार पर तैयार की जाएगी। प्रदेश के खिलाड़ी, खेल विशेषज्ञ, प्रशिक्षक, खेल प्रेमी और आम नागरिक भी अपनी राय देकर खेल नीति को अधिक प्रभावी और भविष्य उन्मुख बनाने में योगदान दे सकेंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई खेल नीति के लिए जल्द ही ऑनलाइन सुझाव पोर्टल शुरू किया जाए, ताकि प्रदेशवासियों के सुझाव प्राप्त किए जा सकें।
बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि नई खेल नीति का उद्देश्य केंद्र सरकार की खेल नीति के अनुरूप उत्तराखंड की आवश्यकताओं को समाहित करते हुए राज्य के परंपरागत खेलों को नई पहचान देना है। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा और जो सुझाव खेलों के विकास के लिए उपयोगी होंगे, उन्हें नई नीति में शामिल किया जाएगा। साथ ही उत्कृष्ट सुझाव देने वाले नागरिकों को सम्मानित करने की भी योजना बनाई जा रही है।
खेल मंत्री ने अधिकारियों को राज्य में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय की स्थापना संबंधी तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आधुनिक खेल अवसंरचना और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने बताया कि पात्र खिलाड़ियों में से कुछ को राज्य की खेल अकादमियों में समायोजित करने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनके अनुभव का लाभ प्रदेश की नई प्रतिभाओं को मिल सके।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, अपर निदेशक अजय अग्रवाल तथा महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
